लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित गुजरात यात्रा – यमुना प्रवाह ‘यूनिटी मार्च’ राष्ट्रीय एकता, अखंडता, समरसता और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जयपुर से दिनांक 26 नवंबर को शुरू हुई थी, जयपुर में यात्रा को राजस्थान के मुख्यमंत्री *भजनलाल शर्मा व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था जिनका मुख्य ध्येय सशक्त भारत व सरदार साहब के विचार व उनके आदर्श जो हमें सदैव राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते उनको जन जन तक पहुंचाना है.
यमुना प्रवाह बीकानेर संभाग संयोजक पूर्व डूंगर महाविद्यालय अध्यक्ष मांगीलाल गोदारा ने बताया की यात्रा प्रथम दिन जयपुर से रवाना होकर बगरू क्षेत्र के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में संगोष्ठी हुई वहां से रात्रि विश्राम पुष्कर पहुंची दुसरे दिन अजमेर पहुंची वहां कॉलेज परिसर में संगोष्ठी आयोजित हुई वहां से तीसरे दिन आबु रोड़ होते हुए चौथे दिन गुजरात पहुंची आंणद में रात्रि चौपाल व विश्राम के बाद आज सुबह आंणद से सरदार वल्लभ भाई पटेल विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा है केवडिया वहां सभी प्रदेश भर के आये हुए युवाओं ने पटेल साहब को नमन करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की शपथ ली तथा देश की एकता के लिए काम करने का संकल्प लिया यात्रा का रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा व वहां स्थानीय लोक नृत्यों तथा ढोल नगाड़े से स्वागत किया प्रदेश भर से युवा आये थे.
हर जिले से 2 युवाओं का चयन हुआ था
इस यात्रा में राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा सहित युवाओं को जयपुर से रवाना किया था इन प्रदेश के युवाओं को सम्मिलित हुए उनको नाम दिया था *यमुना प्रवाह*. *यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक विनीत त्यागी जी, भारतीय जनता युवा मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य देवकिशन मारू, राजस्थान संयोजक जितेन्द्र झा, मांगीलाल गोदारा , कान नाथ गोदारा, विक्रम सिंह राजपुरोहित* सहित बीकानेर,चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़ सहित हर जिले दो युवाओं का चयन हुआ था.
