बीकानेर नेटवर्क फॉर पिपुल्स लिविंग विथ एचआईवी संस्थान द्वारा विश्व एड्स दिवस–2025 की पूर्व संध्या पर रंगोली और कैंडल लाइट के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पब्लिक पार्क स्थित शहीद स्मारक पर किया गया. इस अवसर पर एचआईवी/एड्स के कारण दिवंगत लोगों को नमन करते हुए शांति एवं संवेदना संदेश के साथ कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस वर्ष विश्व एड्स दिवस–2025 की थीम “किसी भी बाधा के बावजूद HIV सेवाएँ बाधित नहीं होनी चाहिए” (Overcoming Disruption, Transforming the AIDS Response) है. इसी थीम को केंद्र में रखते हुए BNP+ द्वारा एचआईवी समुदाय के स्वास्थ्य अधिकारों को सुदृढ़ करने तथा सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया गया.

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एड्स जागरूकता पखवाड़ा (01-15 दिसम्बर ) के दौरान BNP+ द्वारा कई सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा, जिनमें समुदाय एवं आमजन के लिए जागरूकता वार्ताएं, एआरटी लिंकज एवं स्वास्थ्य परामर्श, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच एवं एआरटी पालन पर सत्र, रंगोली एवं पोस्टर के माध्यम से संदेश प्रसार, इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य एचआईवी/एड्स की रोकथाम, कलंक–भेदभाव समाप्त करना और “मेरा स्वास्थ्य–मेरा अधिकार” की भावना को मजबूत करना रहा.
संस्थान अध्यक्ष लक्ष्मी सुथार ने बताया कि एचआईवी सामान्य संपर्क से नहीं फैलता-जैसे साथ बैठने, खाने, हाथ मिलाने, मच्छर काटने, या एक ही शौचालय प्रयोग करने से संक्रमण नहीं होता. एचआईवी से जुड़े भ्रम और भ्रांतियों को खत्म करना अत्यंत आवश्यक है. नियमित एआरटी सेवन, सुरक्षित व्यवहार और समय–समय पर एचआईवी जांच कराना एचआईवी रोकथाम की सबसे प्रभावी रणनीति है. सीएससी कार्यकर्ता प्रतिमा तिवारी ने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि “बचाव ही उपचार है”-सुरक्षित संबंध, विश्वसनीय साथी और परिवार नियोजन के साधनों का सही प्रयोग जरूरी है.
कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष लक्ष्मी सुथार, समन्वयक विक्रम सिंह, ओमप्रकाश सुथार, प्रतिमा तिवारी, कपिल विश्नोई, मुकेश मीणा, मोहित सिंह, राहुल देव बिश्नोई, टीआई प्रोग्राम से ज्योति राणा, राजेश्वरी जी, विबोद भंसाली एवं आमजन मौजूद रहे. BNP+ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समान स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने और एचआईवी से जुड़े कलंक–भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
