देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन रहे पाकिस्तान-समर्थित गैंगस्टर-से-आतंकी मॉड्यूल पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसका संचालन सीधे पाकिस्तान से किया जा रहा था. इस मॉड्यूल के तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. यह मॉड्यूल देश में टारगेट किलिंग और ग्रेनेड हमलों की बड़ी साज़िश रच रहा था. इस सफल ऑपरेशन ने यह पुष्टि कर दी है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां (ISI) अब भारत विरोधी गतिविधियों के लिए गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं.
स्पेशल सेल के अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद कुमार कुशवाहा ने इस मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि इस मॉड्यूल का नेतृत्व एक पाकिस्तानी नागरिक, शहजाद भट्टी कर रहा था, जो कि एक गैंगस्टर है और वर्तमान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर काम कर रहा है. कुशवाहा ने पुष्टि की, “तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उनमें से एक हरगुनप्रीत सिंह (पंजाब), दूसरा विकास प्रजापति (दतिया, मध्य प्रदेश) और तीसरा आरिफ (बिजनौर, उत्तर प्रदेश) है.” उन्होंने आगे कहा कि “इन्होंने हाल ही में इसी महीने की 25 तारीख को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के सामने एक हथगोला फेंका था. इसी ने इस हमले को अंजाम दिया था, और यही लड़के इस घटना में शामिल थे और इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.”
अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए इन तीनों आरोपियों में से विकास प्रजापति के पास से एक पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, पुलिस को उनके फोन से कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मिले हैं. इन सबूतों में उन जगहों की रेकी और वीडियोग्राफी शामिल है, जो उनके निशाने पर थीं, साथ ही शहजाद भट्टी के साथ हुई चैट और वॉयस नोट्स भी मिले हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि उन्हें ग्रेनेड फेंकने सहित कई अन्य हमलों को अंजाम देना था. यह पता चला है कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया ऐप्स या अपने अन्य संपर्कों के माध्यम से युवाओं की भर्ती कर रहा था और बाहर से निर्देश देकर आतंकी गतिविधियां चला रहा था.
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस मॉड्यूल का एक बड़ा निशाना गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई की हत्या का भी था, जिसे हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया है. प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि इस ग्रुप के एक-दो और लिंक हैं जिन्हें पंजाब पुलिस के साथ साझा किया जाएगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा.” यह गिरफ्तारी आईएसआई के ‘हाइब्रिड थ्रेट’ के बढ़ते खतरे को दर्शाती है, जहां वे आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर भारत के विभिन्न हिस्सों में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इस तत्परता ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है.
