बीकानेर जिला एवं सत्र न्यायालय को गुरुवार को बम से उड़ाने की एक सनसनीखेज धमकी मिली, जिसने पूरे न्यायिक क्षेत्र में खलबली मचा दी. एक अज्ञात ई-मेल के जरिए दावा किया गया कि दोपहर 2 बजे कोर्ट परिसर के भीतर 14 साइनाइड बम ब्लास्ट होंगे. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाकर सघन तलाशी अभियान (Meticulous Search) शुरू किया गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और पुलिस बल मौके पर तैनात रहे. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने सभी अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की. बीकानेर में मिली इस धमकी के बाद एहतियात के तौर पर नोखा कोर्ट परिसर में भी पुलिस उप अधीक्षक जनरैल सिंह के नेतृत्व में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, हालांकि वहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. साइबर सेल अब ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर आरोपी की पहचान करने में जुटी है.
एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल गुरुवार तड़के सुबह 4:42 बजे प्राप्त हुआ था. ई-मेल भेजने वाले ने बेहद तकनीकी भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि धमाकों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर डिवाइस प्लांट की गई हैं. मेल में चेतावनी दी गई थी कि ब्लास्ट का असर ‘एपिसेंटर’ से 1.75 किमी के दायरे (Radius) तक होगा, इसलिए सुबह 11 बजे तक सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए. इस गंभीर सूचना के बाद पुलिस की डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने पार्किंग से लेकर कोर्ट की छत तक चप्पे-चप्पे की जांच की.
सीओ जनरैल सिंह ने बताया कि बीकानेर कोर्ट को धमकी भरा ईमेल मिला था. एहतियात के तौर पर नोखा पुलिस ने कोर्ट परिसर में स्थित सभी एसीजेएम और जेएम क्वार्टर्स का निरीक्षण किया. जांच के दौरान परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
