जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ इलाके में कुछ दिन पहले बीकानेर निवासी व्यापारी और उसके मुनीम की हुई हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है. वारदात के बाद आरोपी व्यापारी की कार और नगदी लेकर फरार हो गए थे. जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से एक आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह, निवासी पंजाब के नाम से की, और उसे हरियाणा से पकड़ने में कामयाबी हासिल की है पुलिस की स्पेशल टीम के 50 पुलिस कर्मियों ने 600 किमी एरिया में 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाल कर तकनीकी मदद से हत्यारे को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की. पुलिस ह्त्या में शामिल अन्य आरोपियों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है. हत्या पैसों के लेनदेन को लेकर होना बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस पड़ताल कर रही है.

हत्या के पीछे लूट की मंशा की संभावना
जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया – आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ाई जा रही है और बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. जांच में अभी कई पहलू खंगाले जा रहे हैं, जिनमें आरोपी का स्थानीय संपर्क भी शामिल है. गुरप्रीत सिंह से पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब और कहाँ बनी थी, और स्थानीय स्तर पर किसने मदद की. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही मामले में पूरी साजिश का पर्दाफाश कर बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा.

मामला 20 अक्टूबर की रात का है, जब मोहनगढ़ मंडी के बाहर बीकानेर के व्यापारी मदनलाल सारस्वत और उनके मुनीम रेवंतराम की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. दोनों का शव अगले दिन उनकी दुकान के बाहर ही मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. 21 अक्टूबर को मदनलाल के बेटे पंकज कुमार सारस्वत ने मोहनगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. रिपोर्ट में बताया गया कि अज्ञात लोगों ने उनके पिता और मुनीम की हत्या कर दी और कार व नगदी लेकर फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. मौके से खून के निशान, जूतों के प्रिंट और वाहन के टायरों के निशान जैसे कुछ अहम साक्ष्य जुटाए गए.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया. टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार को दिया गया. टीम ने तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच शुरू की. पुलिस ने 600 किलोमीटर के दायरे में लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. कई जगहों पर व्यापारी की ऑल्टो कार को गुजरते हुए देखा गया. पुलिस को एक ढाबे के बाहर लगे कैमरे की फुटेज में घटना वाली रात एक सफेद ऑल्टो कार दिखाई दी. नंबर प्लेट धुंधली थी, लेकिन वीडियो को क्लियर करने के बाद पुष्टि हुई कि वह व्यापारी मदनलाल की ही गाड़ी थी. इसके बाद पुलिस ने उस गाड़ी की मूवमेंट को ट्रैक करने की कोशिश की. जांच में पता चला कि कार जैसलमेर से निकलकर हनुमानगढ़ दिशा में गई थी. रास्ते में कई टोल नाकों और पेट्रोल पंपों की फुटेज भी खंगाली गई.
गुरप्रीत सिंह आया पुलिस के रडार पर !
हनुमानगढ़ के एक पेट्रोल पंप की फुटेज में एक युवक कार में पेट्रोल भरवाता नजर आया. उसकी पहचान गुरप्रीत सिंह, निवासी पंजाब के रूप में हुई. पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल्स की जांच की तो कई संदिग्ध लोकेशन और संपर्क सामने आए. जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से दो दिन पहले गुरप्रीत सिंह जैसलमेर में रुका था और एक मोबाइल सिम खरीदी थी. यह सिम कार्ड वारदात की रात तक सक्रिय पाया गया. इन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गुरप्रीत को मुख्य संदिग्ध माना. पुलिस को सूचना मिली कि गुरप्रीत सिंह हरियाणा के सिरसा इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद एसआईटी ने स्थानीय पुलिस की मदद से वहां दबिश दी और उसे हिरासत में लिया. गुरप्रीत के पास से लूटी हुई ऑल्टो कार, कुछ नकदी और खून के धब्बों वाले कपड़े बरामद किए गए हैं.

मामले में पुलिस ने अन्य दोनों आरोपियों की पहचान लगभग तय कर ली है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है. उनकी तलाश में पुलिस की टीमें राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में दबिश दे रही हैं. मोहनगढ़ में व्यापारी मदनलाल के मकान व दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा था. जिन लोगों को उसने काम दिया था, उन्होंने आधा काम कर लिया था, लेकिन जैसे व्यापारी चाह रहा था वैसा काम नहीं हुआ. इससे व्यापारी ने बीच में ही काम रुकवा दिया और कहा कि काम पसंद नहीं आया है. आसपास के लोगों के अनुसार जितना काम किया था उतने पैसे भी उनको दे दिए थे, लेकिन उनकी डिमांड पूरी राशि की थी. इसी को लेकर विवाद था.

व्यापारी से हुई थी ठेकेदार व मजदूर की कहासुनी
मंडी व्यापारियों के अनुसार दो-चार दिन पहले ठेकेदार व मजदूर जो पंजाब के लगते थे वे लोग मंडी में मदनलाल की दुकान पर आए थे वहां उनके साथ कहासुनी भी हुई थी. व्यापारी का जिन लोगों से विवाद चल रहा था. वे लोग रामपुरा मोहनगढ़ में रहते थे. आसपास के लोगों ने 20 अक्टूबर को दिन में उन्हें देखा भी था, लेकिन उस रात के बाद से वे गायब है. पुलिस ने भी उनकी तलाशी के लिए चार अलग अलग टीमें बीकानेर, श्रीगंगानगर व पंजाब के लिए रवाना की है.
