चार लाइन न्यूज़ डेस्क – नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के हालातों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। बैठक का उद्देश्य राज्यों की तैयारी, संभावित चुनौतियों और केंद्र–राज्य समन्वय को मजबूत करना है। कुछ दिन पहले संसद में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया की स्थिति कोविड काल जैसी चुनौती पैदा कर सकती है और इसके प्रभाव लंबे समय तक रह सकते हैं। उन्होंने राज्यों से टीम इंडिया की भावना के साथ मिलकर काम करने की अपील की थी।
हालांकि, आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। लेकिन इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिवालय अलग से बैठक करेगा, ताकि किसी भी स्थिति में समन्वय कमजोर न पड़े। सूत्रों का कहना है कि बैठक में तेल एवं गैस सप्लाई, महंगाई, आयात–निर्यात, संभावित आपदा प्रबंधन और राज्यों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार चाहती है कि पश्चिम एशिया संकट से पैदा होने वाली किसी भी चुनौती का सामना समय रहते संयुक्त रणनीति के साथ किया जाए। आने वाले दिनों में इस बैठक से निकले निर्णय देश की तैयारियों को नई दिशा दे सकते हैं।
