सूरतगढ़ में देश के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के सच्चे हितैषी एवं ग्रामीण भारत की आवाज रहे ‘भारत रत्न’ से सम्मानित चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर वीर तेजाजी जाट संस्थान परिसर में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. सभा की अध्यक्षता करते हुए संस्थान अध्यक्ष साहब राम चाहर ने चौधरी चरण सिंह के जीवन और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों और ग्रामीण समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया. वे किसानों को देश की आत्मा मानते थे और मानते थे कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक देश प्रगति नहीं कर सकता.
संस्था के सचिव मोहनलाल डेलू ने बताया कि चौधरी चरण सिंह ने कृषि सुधार, भूमि सुधार कानून, किसानों को उचित मूल्य, कर्ज से मुक्ति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए। उनका सादा जीवन, स्पष्ट विचार और निडर नेतृत्व आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत है. कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि किसानों की आवाज और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले महान नेता थे. उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं और युवा पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए. सभा के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और किसानों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ. इस मौके पर समाज बंधु उपस्थित रहे.
