बीकानेर में यूनिसेफ एवं गावी (GAVI) के सहयोग से दिशा आरसीडीएसएसएस, अजमेर द्वारा संचालित जीरो-डोज़ टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत टी.बी. क्लिनिक प्रशिक्षण हॉल, बीकानेर में शहरी स्थानीय निकाय (ULB) के पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों, महिला आरोग्य समितियों तथा युवा समूहों के लिए एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. ब्लॉक समन्वयक शिव शंकर और महावीर जालप ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नियमित टीकाकरण के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाना, टीकाकरण से वंचित (जीरो-डोज़) बच्चों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना तथा जनप्रतिनिधियों एवं सामुदायिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से टीकाकरण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना था.
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से नियमित टीकाकरण के महत्व, टीकाकरण से बचाव योग्य बीमारियों तथा जीरो-डोज़ बच्चों की पहचान एवं उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ने की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एस पी सी भारत सरकार, राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर, एडवोकेट अशोक प्रजापत उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ. सी.एस. मोदी एवं जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भवानी शंकर गहलोत ने की. विशिष्ट अतिथियों में पूर्व वार्ड पार्षद हसन अली गोरी, JSI के जिला समन्वयक अनूप पायल, दिशा आरसीडीएसएसएस–यूनिसेफ के जिला समन्वयक सलमान खान, ब्लॉक समन्वयक शिव शंकर, मैना गोदारा, साजिद, सुनील वैष्णव उपस्थित रहे.
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि एडवोकेट अशोक प्रजापत ने कहा कि स्वस्थ नवजात ही विकसित भारत की नींव है. उन्होंने बताया कि इसीलिए केंद्र और राज्य सरकारें नवजातों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भवती महिलाओं को उनके पोषण हेतु ₹5000 की आर्थिक सहायता देती हैं. इसके बाद सभी टीकों और टीकाकरण की व्यवस्था पूर्णतः निशुल्क की जाती है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब गर्भवती माताएं और शिशु स्वस्थ होंगे, तभी 2047 में देश सही मायनों में ‘विकसित भारत’ कहलाएगा. एडवोकेट प्रजापत ने महिलाओं से टीकाकरण समय पर कराने और गर्भावस्था के दौरान चिकित्सीय परामर्श अवश्य लेने की अपील की.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. सी.एस. मोदी एवं डॉ. भवानी शंकर गहलोत ने बताया कि नियमित टीकाकरण बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है. उन्होंने हितधारकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अफवाहों पर विश्वास न करें तथा अपने क्षेत्र के प्रत्येक पात्र बच्चे का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएँ. साथ ही समाज के सभी वर्गों से इस जनहित अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया. दिशा आरसीडीएसएसएस–यूनिसेफ के जिला समन्वयक सलमान खान ने कहा कि जीरो-डोज़ बच्चों तक पहुँचने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला आरोग्य समितियों एवं युवा समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. सामुदायिक सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से नियमित टीकाकरण अभियान को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाया जा सकता है.
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, महिला आरोग्य समिति की सदस्यों, युवा समूहों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, टीकाकरण से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया. कार्यक्रम के अंत में दिशा आरसीडीएसएसएस–यूनिसेफ के जिला समन्वयक सलमान खान ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए नियमित टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा व्यक्त की. इस अवसर पर महावीर जालप, आशा नैनिवाल, रविंद्र सुमित जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं प्रतिभागी भी उपस्थित रहे.

