बीकानेर का Jorbeer Conservation Reserve अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है. स्टेपी ईगल (Steppe Eagle) के संरक्षण के लिए 2026–2035 की ग्लोबल एक्शन प्लान में शामिल होने के बाद इसकी अहमियत कई गुना बढ़ गई है. यह योजना संयुक्त राष्ट्र के तहत संचालित Convention on the Conservation of Migratory Species of Wild Animals के अंतर्गत स्वीकृत की गई है, जिसमें Central Asian Flyway से जुड़े 62 देशों ने भाग लिया है. इसका उद्देश्य प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास, बेहतर मॉनिटरिंग और खतरों को कम करना है.
विशेषज्ञों के अनुसार, जोड़बीड़ पहले से एशिया के सबसे बड़े गिद्ध स्थलों में गिना जाता रहा है, लेकिन अब यह स्टेपी ईगल का भी प्रमुख शीतकालीन ठिकाना बनकर उभरा है. हाल ही में हुए सर्वे में यहां 2,200 से अधिक स्टेपी ईगल दर्ज किए गए, जिसने बीकानेर को वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत किया है. हालांकि Desert National Park को भी इस योजना में शामिल किया गया है, लेकिन वर्तमान में सबसे ज्यादा ध्यान बीकानेर के जोड़बीड़ पर ही केंद्रित है. अब बीकानेर सिर्फ अपनी रेगिस्तानी पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से अंतरराष्ट्रीय बर्ड कंजर्वेशन हब के रूप में उभर रहा है जहां दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. (लेखक- स्वप्निल व्यास)
