जोधपुर डिस्कॉम के निजीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच CMD कार्यालय में हुई बैठक में महत्वपूर्ण सहमति बनी. ऊर्जा सचिव आरती डोगरा एवं CMD की मौजूदगी में स्पष्ट किया गया कि यदि डिस्कॉम अपने कार्यप्रदर्शन में सुधार करता है तो निजीकरण की आवश्यकता नहीं रहेगी. बैठक में जोधपुर संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आश्वासन दिया कि निगम कर्मचारी बकाया वसूली बढ़ाने, बिजली चोरी रोकने और विजिलेंस टीम को सहयोग देने के लिए पूरी क्षमता से कार्य करेंगे. साथ ही ट्रांसमिशन एवं लाइन लॉसेस कम करने पर विशेष फोकस रहेगा. CMD ने कहा कि यदि इन बिंदुओं पर प्रभावी सुधार हो जाता है तो निजीकरण की संभावना समाप्त हो जाएगी.
लाइन लॉसेस घटाने और वसूली बढ़ाने पर जोर
ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने कहा कि जोधपुर डिस्कॉम को अपने लाइन लॉसेस को 15 प्रतिशत से घटाकर एकल अंक में लाना होगा. बीकानेर सर्किल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि करीब 6000 उपभोक्ताओं पर 2 लाख से 10 लाख रुपये तक का बकाया लंबित है, जिसकी वसूली प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की इच्छाशक्ति से यह कार्य संभव है. आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन और पुलिस सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा.
छूट की प्रवृत्ति पर सवाल
ऊर्जा सचिव ने बिजली बिलों में छूट देने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्य सेवाओं की तरह बिजली उपभोग का भी पूरा भुगतान होना चाहिए. केवल सरकारी भुगतान के आधार पर राजस्व वृद्धि को सही नहीं माना जा सकता.
ये रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल
प्रतिनिधिमंडल में रामकुमार व्यास संयुक्त संघर्ष समिति जोधपुर
उमेदाराम चौधरी, राम प्रकाश जाट, लिखमाराम जाखड़, मुकेश कटारिया, राम कुमार व्यास सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि बेहतर राजस्व वसूली और कम लाइन लॉसेस के साथ जोधपुर डिस्कॉम को मजबूत बनाया जा सकता है, जिससे निजीकरण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
