चार लाइन न्यूज़ डेस्क (जयपुर) – मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशन में प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. अब केवल छोटे कार्मिक ही नहीं, बल्कि बड़े “बाबुओं” और वरिष्ठ अधिकारियों तक कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है. पिछले कुछ महीनों में ब्यूरो की कार्रवाइयां लगातार चर्चा में रही हैं. विभाग ने भ्रष्टाचार की “बड़ी मछलियों” पर भी शिकंजा कसते हुए 13 लाख, 11 लाख, 8 लाख, 7 लाख, 4 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपये तक की रिश्वत के मामलों में रंगे हाथों पकड़ने की कार्रवाई की है. इसके अलावा एक लाख और उससे अधिक की राशि से जुड़े 9 मामलों में भी कार्रवाई की गई है.

आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर में कुल 91 कार्रवाइयों के दौरान मौके पर ही 50 लाख 98 हजार 900 रुपये की रिश्वत राशि जब्त की गई है. प्रदेशभर में टीमें लगातार सक्रिय रहीं, जिससे भ्रष्टाचारियों में खलबली मच गई. जल जीवन मिशन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में भी सख्त कदम उठाए गए हैं. वहीं एक पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए वारंट लिया गया है और उनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी भी चल रही है. एक ओर जहां विपक्ष सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के निर्देशन में चल रही सख्त कार्रवाइयां यह संकेत देती हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी है. हालांकि, इसके बावजूद घूसखोरी पर पूरी तरह लगाम लगाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
