Skip to content
चार लाइन – चौकस हर पल

चार लाइन – चौकस हर पल

Primary Menu
  • शिक्षा
  • सार समाचार
  • सियासत
  • अपराध
  • आयोजन
  • खेलकूद
  • जनमत
  • ट्रेंडिंग
  • लोकसभा चुनाव
  • Home
  • आयोजन
  • बीकानेर : संघर्ष की दास्तां ! जिद्द, जूनून और हौसले से तैयार की स्टेट और नेशनल फुटबॉलर बेटियां, रेलवे कर्मचारी कोच राजवी अपनी पगार खर्च कर कभी खुद रहे भूखे
  • आयोजन
  • खेलकूद
  • जनमत
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • सार समाचार
  • सियासत

बीकानेर : संघर्ष की दास्तां ! जिद्द, जूनून और हौसले से तैयार की स्टेट और नेशनल फुटबॉलर बेटियां, रेलवे कर्मचारी कोच राजवी अपनी पगार खर्च कर कभी खुद रहे भूखे

charlineraj_admin September 5, 2024 1 minute read
Bikaner honored football coach Vikram Singh Rajvi

Bikaner honored football coach Vikram Singh Rajvi

चार लाइन न्यूज़ डेस्क – राजस्थान का सुदूर इलाका बीकानेर, जहां मूलभूत सुविधाओं से दूर गांवों में से स्टेट और नेशनल फुटबॉलर खिलाड़ी और वो भी गांव की बेटियां बनने की शायद ही कोई कल्पना भी करे लेकिन भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान, अर्जुन अवार्डी एवं राजस्थान फुटबॉल के ब्रांड एम्बेसडर मगनसिंह राजवी के पुत्र और भारतीय रेलवे के कर्मचारी विक्रम सिंह राजवी की जिद्द, जूनून और हौसले से यह मुमकिन हो सका. शिक्षक दिवस पर charlinerajasthan.com लेकर आया है फुटबॉलर व अंडर-17 नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप जीतने वाली राजस्थान फुटबॉल टीम के कोच विक्रम सिंह राजवी की संघर्ष भरी दास्तां.

शिक्षक दिवस पर फुटबॉल कोच विक्रम सिंह राजवी का जिक्र इसलिए है क्योंकि उन्होंने लीक से हटकर कार्य करने का हौसला रखा और लगातार अपने जोश, जज्बे, लगन से अपने लक्ष्य को पाने के लिए एक शुरुआत की. राजवी ने अपने पिता भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान, अर्जुन अवार्डी एवं राजस्थान फुटबॉल के ब्रांड एम्बेसडर मगनसिंह राजवी के नाम से गांव में ही गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी खोलकर गांव के बेटियों को फुटबॉल चैम्पियन बनाने की ठानी. राजवी की इस जिद्द की बदौलत जिस माटी से शौर्य की गाथाएं लिखी जाती रही हैं, उसी माटी की बेटियों ने फुटबॉल जैसे खेल में राजस्थान को सिरमौर बना दिया.

पूर्व मंत्री व दिग्गज भाजपा नेता देवीसिंह भाटी ढिंगसरी की बालिकाओं द्वारा अंडर-17 नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप जीतकर देश भर में अपने गाँव और क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाने वाली बेटियों और कोच विक्रमसिंह राजवी की हौसला अफजाई के लिए आगे आए. भाटी के साथ कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, समाजसेवी महावीर रांका सहित खेलप्रेमी व समाजसेवी ढिंगसरी पहुंचे और मेधावी प्रतिभाओं को पुरस्कृत कर शुभकामनाएँ प्रदान दी और प्रोत्साहन स्वरूप 17 लाख 83 हजार रूपए की राशि अर्जुन अवार्डी मगनसिंह राजवी एकेडमी को सौंपी. पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने कोच एवं टीम को बिना सरकारी मदद एवं संसाधनों के अभाव में राष्ट्रीय विजेता बनाने पर विक्रमसिंह राजवी की पीठ थपथपाते हुए इसे ओलम्पिक के गोल्ड मेडल के बराबर की उपलब्धि बताया. आज शिक्षक दिवस पर समाजसेवी महावीर रांका की अगुवाई में गणमान्य लोगों की ओर से विक्रमसिंह राजवी का सम्मान किया गया. रांका ने कहा कि राजवी की अगुवाई में गांव की बेटियों की उपलब्धि ने राष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर सहित प्रदेश का का गौरव बढ़ाया है.

राजवी अपने संघर्ष की कहानी बताते हुए कहते हैं कि यह सब आसान नहीं था. पशुपालन-खेती करते किसान परिवारों की बेटियों को घर से निकालकर फुटबॉल ग्राउंड तक ले जाना. लेकिन अपने पिता और खुद के फुटबॉल के जुनून के चलते गांव में अपने पिता के नाम से एक अकादमी शुरू की. गांव में एक-एक घर जाकर उन्होंने गांव वालों से फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद उन्होंने गांव में बकरियां चराने वाले बच्चों को फुटबॉल सिखाने का फैसला किया. गांव से वे बाइक पर कुछ बच्चों को लेकर मैदान पर लाते, उन्हें फुटबॉल की प्रैक्टिस करवाते. आधे बच्चे तो दूसरे दिन आते ही नहीं थे, जबकि सभी को फुटबॉल फ्री में सिखा रहे थे. फिर धीरे-धीरे बच्चों का इंटरेस्ट बढ़ा तो वे आने लगे. अब कुछ लड़कियां भी फुटबॉल खेलने आने लगीं.

राजवी कहते हैं कि आज करीब 6 साल बाद उनके संघर्ष को एक मुकाम मिला है. शुरुआत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. लड़कियों को सूट-सलवार में फुटबॉल खेलने में परेशानी होती थी. उनके लिए प्लेयर्स की ड्रेस खरीदी. ग्रामीणों ने लड़कियों के शॉट्‌र्स पहनने पर रोक लगा दी. कोच ने फिर खुद एक-एक घर जाकर परिवार वालों को समझाना पड़ा. पहले इस गांव के लोग फुटबॉल खेलने के लिए बच्चों को भेजने के लिए तैयार नहीं हुई, लेकिन धीरे-धीरे उनका संघर्ष काम आया और आज गांव के साधारण मजदूर, चरवाहे और श्रमिक की बेटियां अकादमी में ट्रेनिंग ले रहीं हैं.

भारतीय रेलवे के कर्मचारी विक्रम सिंह राजवी ने आगे बताते हैं कि सपना पूरा करने वे 2021 में गांव आ गए. आज से पांच-छह साल पहले तो उन्हें यहां खिलाड़ी भी नहीं मिले थे. खेलने के लिए उन्होंने लड़कियों को लड़कों वाली ड्रेस दी तो गांव वाले विरोध में उतर आए. फिर उन्होंने सबकी सोच बदली और आज पूरा गांव बेटियों पर गर्व कर रहा है. 250 घरों के गांव में करीब 200 फुटबॉल प्लेयर बन चुके हैं. चैंपियन टीम की खिलाड़ी भी इन्हीं परिवारों से है, जिनमें किसी के पिता मजदूर हैं तो किसी खिलाड़ी के पिता गांव में ही बकरी चराने का काम करते हैं.

आज बीकानेर का ढिंगसरी गांव का नाम गांव की बेटियों की लगन, मेहनत और जूनून की बदौलत देश में रोशन हो गया. चैंपियन बनकर जब खिलाड़ी व कोच गांव लौटे, तो उनका हीरो जैसा स्वागत हुआ. आज तो हर कोई अब ढिंगसरी गांव की तरफ दौड़ रहा है इन बेटियों का स्वागत करने. बेटियों की मेहनत का ही नतीजा है कि अब यहां पर जन सहयोग से भी खेल सुविधाएं विकसित हो रही है.

राजवी बताते हैं कि रेलवे की नौकरी से मिलने वाली तनख्वाह का करीब आधे से ज्यादा हिस्सा इन बेटियों को तैयार करने में चला जाता. कभी उन्होंने सिर्फ चने खाकर गुजारा किया तो कभी भूखे ही रहकर. वे बताते हैं कि जैसे-तैसे रूपए की बजट करने की जद्दौजहद में उन्होंने कार तक का इस्तेमाल बंद किया और मोटरसाइकिल से सफर करने लगे. अपने संघर्ष की कहानी सुनाते-सुनाते राजवी भावुक हो गए और आसूं भी टपकने लगे हैं. लेकिन ये आंसू खुशी के, उस संघर्ष की जीत हैं हैं जिसकी बदौलत आज फुटबॉल आइकॉन मगन सिंह राजवी गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी में तैयार 44 बेटियां नेशनल चैम्पियन बनी तो वहीं गांव की 15 फुटबॉलर बेटियों का एडमिशन कोटा की गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी में हुआ. हाल ही में है अंडर-17 नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में कर्नाटक को हराकर चालीस साल बाद ये खिताब जीता है. कोच विक्रम सिंह राजवी और अभिषेक विंसेंट की अगुवाई में बीकानेर के ढिंगसरी गांव की 12 बेटियों समेत 22 खिलाड़ियों ने टीम में शानदार प्रदर्शन किया.

राजवी गांव की बेटियों को स्टेट और नेशनल प्लेयर बनाने के बाद लगातार जारी इस संघर्ष को याद कर छाती चौड़ी कर कहते हैं कि विपरित परिस्थितियों में यहां की बेटियों ने सफलता के झंडे गाड़े हैं. राजस्थान को 60 साल बाद अंडर-17 नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में सिरमौर बनाया है. पहले कोई भी बीकानेर के ढिंगसरी की बेटियों को जानता तक नहीं था लेकिन चैंपियन बनी तो हर कोई इनको गूगल पर तलाशने लगा. इस दौरान वे खेलों में हो रही राजनीति पर भी बात करते हुए अपील करते हैं कि टीम में खिलाड़ी सेलेक्शन के दौरान फोन क्लचर बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा के राजनीति में भले ही नीत नए खेल हों लेकिन खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए क्योंकि खेल तो खेल की भावना से ही खेला जाता है.

बता दें कि विक्रम सिंह के पिता मगनसिंह राजवी भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रहे हैं. उनके कप्तान रहते हुए भारतीय टीम ने 10 से ज्यादा इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेले और छठे एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. मगन सिंह अब करीब 82 साल के हो गए हैं और बीकानेर में रहते हैं. उनका हमेशा से सपना रहा कि गांव के बच्चे फुटबॉलर बनें. उनका यही सपना पूरा करने के लिए विक्रम सिंह राजवी लगातार तटस्थ हैं. 78 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीकानेर मंडल के कोलायत स्टेशन पर कार्यरत फुटबाल कोच विक्रम सिंह राजवी को बालिकाओं को खेल में प्रोत्साहित करने के उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया.

About the Author

charlineraj_admin

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: बीकानेर : डूंगर कॉलेज में विज्ञान भवन की गिरी छत, फिर भी हो रही परीक्षा, NSUI जिलाध्यक्ष गोदारा ने हेलमेट पहन किया ध्यानाकर्षण
Next: जयपुर : मोदी सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी को मिली जमानत – गोविन्द सिंह डोटासरा

Related Stories

collagehfhf
  • ट्रेंडिंग
  • सार समाचार

पेट्रोल-डीजल को लेकर बीकानेर जिला कलेक्टर के विशेष निर्देश, कहा – प्रत्येक पंप पर रखा जाए पेट्रोल-डीजल का आरक्षित स्टॉक, पीएम के दौरे को देखते हुए जारी किए आदेश

charlineraj_admin April 16, 2026
WhatsApp Image 2026-04-16 at 8.19.43 PM
  • आयोजन
  • जनमत
  • शिक्षा
  • सार समाचार

शिक्षकों की कमी पर लम्माना भाटियान में फूटा आक्रोश, गुरुवार को विद्यालय में की तालाबंदी

charlineraj_admin April 16, 2026
WhatsApp Image 2026-04-16 at 5.45.09 PM
  • आयोजन

जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक और जनसुनवाई आयोजित, प्रकरणों का समयबद्ध और नियमसम्मत निस्तारण करें सुनिश्चित – जिला कलक्टर

charlineraj_admin April 16, 2026

Recent Posts

  • पेट्रोल-डीजल को लेकर बीकानेर जिला कलेक्टर के विशेष निर्देश, कहा – प्रत्येक पंप पर रखा जाए पेट्रोल-डीजल का आरक्षित स्टॉक, पीएम के दौरे को देखते हुए जारी किए आदेश
  • शिक्षकों की कमी पर लम्माना भाटियान में फूटा आक्रोश, गुरुवार को विद्यालय में की तालाबंदी
  • जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक और जनसुनवाई आयोजित, प्रकरणों का समयबद्ध और नियमसम्मत निस्तारण करें सुनिश्चित – जिला कलक्टर
  • डेह गांव में व्यक्ति ने फांसी लगाकर दी जान, मर्ग दर्ज
  • हदां में “ऑपरेशन नीलकण्ठ” के तहत बीकानेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 46 पेटी अवैध शराब जब्त, दो गिरफ्तार

Recent Posts

  • पेट्रोल-डीजल को लेकर बीकानेर जिला कलेक्टर के विशेष निर्देश, कहा – प्रत्येक पंप पर रखा जाए पेट्रोल-डीजल का आरक्षित स्टॉक, पीएम के दौरे को देखते हुए जारी किए आदेश
  • शिक्षकों की कमी पर लम्माना भाटियान में फूटा आक्रोश, गुरुवार को विद्यालय में की तालाबंदी
  • जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक और जनसुनवाई आयोजित, प्रकरणों का समयबद्ध और नियमसम्मत निस्तारण करें सुनिश्चित – जिला कलक्टर
  • डेह गांव में व्यक्ति ने फांसी लगाकर दी जान, मर्ग दर्ज
  • हदां में “ऑपरेशन नीलकण्ठ” के तहत बीकानेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 46 पेटी अवैध शराब जब्त, दो गिरफ्तार
  • बीकानेर में परशुराम जन्मोत्सव की धूम, 17 से 19 अप्रैल तक भव्य कार्यक्रम, शोभायात्रा रहेगी मुख्य आकर्षण
  • सशक्त नारी, सशक्त भारत – अर्जुनराम मेघवाल
  • जिला कलेक्टर रहे खाजूवाला क्षेत्र के दौरे पर, विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण, रात्रि चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
  • बिहार में सम्राट युग, शपथ ग्रहण के साथ ही सरकार की तस्वीर हुई साफ, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव का बढ़ा कद, निशांत कुमार को करना होगा फिलहाल इंतजार
  • कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा का नोखा में भव्य अभिनन्दन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों सहित नोखा के हजारों लोग शामिल, लाभार्थियों को प्रदान किए खाद्य सुरक्षा अधिकार पत्र, कहा – नोखा मेरा ननिहाल, यहां के लोगों के सुख-दुःख में हमेशा रहूंगा साथ

You may have missed

collagehfhf
  • ट्रेंडिंग
  • सार समाचार

पेट्रोल-डीजल को लेकर बीकानेर जिला कलेक्टर के विशेष निर्देश, कहा – प्रत्येक पंप पर रखा जाए पेट्रोल-डीजल का आरक्षित स्टॉक, पीएम के दौरे को देखते हुए जारी किए आदेश

charlineraj_admin April 16, 2026
WhatsApp Image 2026-04-16 at 8.19.43 PM
  • आयोजन
  • जनमत
  • शिक्षा
  • सार समाचार

शिक्षकों की कमी पर लम्माना भाटियान में फूटा आक्रोश, गुरुवार को विद्यालय में की तालाबंदी

charlineraj_admin April 16, 2026
WhatsApp Image 2026-04-16 at 5.45.09 PM
  • आयोजन

जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक और जनसुनवाई आयोजित, प्रकरणों का समयबद्ध और नियमसम्मत निस्तारण करें सुनिश्चित – जिला कलक्टर

charlineraj_admin April 16, 2026
rajasathana_72c54ab96999b47a74d8f96ba509e295
  • अपराध
  • सार समाचार

डेह गांव में व्यक्ति ने फांसी लगाकर दी जान, मर्ग दर्ज

charlineraj_admin April 16, 2026
WhatsApp
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.