बीकानेर जिला कांग्रेस की राजनीति इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है.। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गोविंद मेघवाल ने पिछले आठ दिनों में तीसरी बार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाक़ात कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। लगातार हो रही ये बैठकों को बदलते संगठनात्मक समीकरणों और जिले में बढ़ते आंतरिक विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ताज़ा मुलाक़ात में शहर कांग्रेस से जुड़े कई महत्वपूर्ण चेहरे भी शामिल रहे, जिनमें महिला कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष शशिकला, बीकानेर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शबीर खान, यूथ कांग्रेस प्रतिनिधि, तथा पूर्व पार्षद आज़म खान मौजूद रहे। स्थानीय नेताओं की इस सामूहिक उपस्थिति को राजनीतिक संकेतों से भरी बैठक माना जा रहा है।
मुलाक़ात के बाद गोविंद मेघवाल ने मीडिया से बातचीत में इसे मात्र शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन लगातार तीन मुलाक़ातों का क्रम विशेषज्ञों की नजर में साधारण नहीं माना जा रहा। पार्टी सूत्रों के अनुसार बीकानेर में हाल ही में उभरे विवादों, वायरल वीडियो प्रकरण और संगठनात्मक असंतोष पर भी गहलोत और मेघवाल के बीच चर्चा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बीकानेर कांग्रेस इन दिनों कई अंदरूनी खींचतान से गुजर रही है। एक ओर कुछ नेताओं के सार्वजनिक बयान और आरोप-प्रत्यारोप सुर्खियों में रहे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन और अनुशासन को लेकर भी असंतोष देखा गया है। ऐसे माहौल में मेघवाल की सक्रियता और गहलोत से लगातार हो रही मुलाक़ातें आगामी राजनीतिक रणनीति की संभावनाओं को और मजबूत करती दिखाई देती हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन बैठकों का सिलसिला आने वाले दिनों में बड़े संगठनात्मक फैसलों की भूमिका भी तय कर सकता है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बीकानेर कांग्रेस में सक्रियता और चर्चाओं का दौर तेज़ हो गया है।
प्रदेश की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि ये मुलाकातें सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि बीकानेर में जारी आंतरिक खींचतान को संतुलित करने का प्रयास भी हो सकती हैं। आने वाले दिनों में इन मुलाक़ातों के राजनीतिक प्रभाव का दायरा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
