राजस्थान कांग्रेस में आज हुआ एक गजब वाकया सियासी गलियारों में जबरदस्त सुर्खियां बना हुआ है और इससे प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा छिड़ गई है कि क्या राजस्थान में पीसीसी चीफ के तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा No Compromised Theory इज़ाद कर रहे हैं या फिर कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर से उभर कर सामने आई है. दरअसल, जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर पूर्व मंत्री महिंद्रजीत सिंह मालवीय बाप पार्टी के 309 कार्यकर्ताओं को लेकर पहुँचे और कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए.
इस दौरान हो रही नारेबाजी के बाद एक गजब वाकया हो गया जब महेंद्रजीत सिंह मालवीय संबोधित करने लगे तो उसी समय गोविंद सिंह डोटासरा ने उनके हाथ से माइक लेकर कहा कि यहां CM वाले नारे मत लगा देना, नहीं तो पिछली बार की तरह हालात हो जाएंगे. डोटासरा ने तल्खी दिखाते हुए साफ कहा कि व्यक्तिवादी राजनीति ने कांग्रेस का बहुत नुकसान किया है. साथ ही कहा – कहां नारे तो पहले भी लगे लेकिन नारों का रिजल्ट नहीं आया. डोटासरा ने नसीहत दी कि इस तरह चौथी बार छोड़ो 4 सीट भी नहीं आयेंगी. गहलोत के पक्ष में नारेबाजी को लेकर दिया डोटासरा का ये बयान अब सियासी गलियारों में कई प्रतिक्रियाओं के साथ सुर्खियों में है.
कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि गहलोत-पायलट बड़े नेता लेकिन पार्टी तो मैं ही चला रहा हूं. इस दौरान डोटासरा ने खुद की ब्रांडिंग करने वाले नेताओं पर सीधा निशाना साधा और कहा कि मैं किसी व्यक्ति के लिए काम नहीं करता बल्कि कांग्रेस के लिए काम करता हूं. डोटासरा के इस बयान को अशोक गहलोत पर बड़ा हमला माना जा रहा है और सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है. हांलाकि उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष के नाते सभी बड़े नेताओं को संगठन की मजबूती के लिए एक संदेश दिया है.

