बीकानेर जिले के लूणकरनसर कस्बे में पंडित जी फाउंडेशन फॉर कल्चरल हैरिटेज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव “रंग रूड़ौ राजस्थान” के अंतर्गत नि:शुल्क राजस्थानी साफ़ा प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ बुधवार को उत्साहपूर्वक हुआ. प्रशिक्षण के प्रथम दिवस सैकड़ों बच्चों सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से पधारे संस्कृति प्रेमियों ने सहभागिता कर राजस्थानी संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की. कार्यक्रम का शुभारम्भ ईश्वरलाल पंचारिया द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर श्यामलाल पारीक ,वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरिमोहन सारस्वत ‘रूंख’, राज बिजारणीया,अशोक जी शर्मा, भरत गौड़,पूनम कंवर, हनुमान पंचारिया, निखिलेश पारीक, लक्ष्मण भाटी, घनश्याम जाजड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं साफ़ा प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे.
ट्रस्ट के संस्थापक स्वरूप पंचारिया ने कहा कि राजस्थानी साफ़ा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि राजस्थान की आन, बान और शान का प्रतीक है. वर्तमान समय में साफ़ा संस्कृति के संरक्षण एवं युवा पीढ़ी को इससे जोड़ने की आवश्यकता है. “रंग रूड़ौ राजस्थान” के माध्यम से राजस्थानी भाषा, कला, संस्कृति एवं विरासत को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नि:शुल्क साफ़ा प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जो इस सांस्कृतिक अभियान को एक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान कर रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न पारम्परिक राजस्थानी साफ़ों को बाँधने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया.
उल्लेखनीय है कि “रंग रूड़ौ राजस्थान” का भव्य समापन समारोह 2 अगस्त 2026 को हनुमान मन्दिर, लूणकरनसर में आयोजित होगा, जिसमें प्रख्यात इतिहासकार राजवीर सिंह चलकोई सहित अनेक विशिष्ट अतिथि अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे.
