राजस्थान केश कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यमंत्री महेंद्र गहलोत ने बीकानेर संभाग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी {RTO_Bikaner} से मिलकर ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं से अवगत करवाया और इस गंभीर विषय को लेकर समाधान की बात कही. महेन्द्र गहलोत ने बताया कि पिछले कई महीनों से ऑनलाइन परमिट व्यवस्था ठप पड़े हैं जिससे हजारों ट्रक खड़े हो गए हैं और ट्रांसपोर्ट कारोबार गंभीर संकट मे आता दिख रहा है.

गहलोत ने कहा कि हाल ही में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिकों एवं चालक साथियों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि पुराने व्यावसायिक वाहनों के लिए VLTD (Vehicle Location Tracking Device) की SOP जारी नहीं होने तथा ऑनलाइन परमिट व्यवस्था में व्याप्त खामियों के कारण हजारों ट्रकों के परमिट रिन्यूअल महीनों से अटके हुए हैं. ऑनलाइन परमिट जारी नहीं होने से हजारों ट्रक महीनों से खड़े हैं. बीमा, टैक्स, बैंक की ईएमआई एवं ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि परिवहन कार्य पूरी तरह प्रभावित है. इससे लाखों परिवारों की आजीविका पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

महेन्द्र गहलोत ने चेताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी सरकार की यह बड़ी लापरवाही है कि आज तक पुराने व्यावसायिक वाहनों के लिए VLTD की स्पष्ट SOP एवं आवश्यक व्यवस्था लागू नहीं की गई, जिसका खामियाजा वाहन मालिकों एवं चालक साथियों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं परिवहन विभाग द्वारा पुराने व्यावसायिक वाहनों के लिए स्पष्ट व्यवस्था एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर E-Detection के नाम पर टोल प्लाजा पर ऑनलाइन ई-चालान किए जा रहे हैं. जब सरकार स्वयं परमिट रिन्यूअल एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही है, तब वाहन मालिकों एवं चालक साथियों पर कार्रवाई करना पूरी तरह अनुचित एवं अन्यायपूर्ण है.

पूर्व मंत्री गहलोत ने इसी गंभीर विषय को लेकर बीकानेर संभाग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी { RTO Bikaner } से मुलाकात कर उन्हें ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया तथा पुराने ट्रकों के लिए VLTD की SOP शीघ्र जारी करने, ऑनलाइन परमिट व्यवस्था को सुचारु करने, अटके हुए परमिट रिन्यूअल बहाल करने एवं गलत व त्रुटिपूर्ण ई-चालानों को तत्काल निरस्त करने की मांग की. साथ ही गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से एवं उपमुख्यमंत्री (परिवहन विभाग ) प्रेमचंद बेरवा आग्रह है कि इस गंभीर विषय में तत्काल हस्तक्षेप कर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिकों एवं चालक साथियों को राहत प्रदान करें. ट्रांसपोर्ट व्यापार लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है. वाहन मालिकों एवं चालक साथियों का आर्थिक उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.

