बीकानेर में स्थानीय श्री पंच मंदिर में आज राव जैतसी का 501 वां विजय दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया. सर्वप्रथम ओम नारायण श्रीमाली ने मंगलाचरण किया और तत्पश्चात मंचस्थ अतिथियों ने राव जैतसी के चित्र को पुष्पहार अर्पित किया. समिति अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बीका ने बीकानेर के राव लूणकरण और नारनौल नवाब अबीमोर के बीच हुए ढोंसी के युद्ध का रोमांचक वर्णन किया. बीका ने कहा राव लूणकरण क्षात्र धर्म के साकार रूप थे. शिक्षाविद् जानकी नारायण श्रीमाली ने कहा कि जैतसी का राज्यारोहण युग परिवर्तन का प्रतीक है. आठ सौ वर्ष से मुस्लिम आक्रांता देश को पद दलित कर रहे थे. वे अजेय माने जाने लगे. राती घाटी युद्ध में राव जैतसी ने बादशाह बाबर के पुत्र तथा गजनी और लाहौर के शासक कामरा को पराजित कर के भारत का विजयी इतिहास रचा. इस युद्ध से भारत की पश्चिमी सीमा सुरक्षित हुई और कालान्तर में राव चंद्रसेन, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी ने राव जैतसी की छापामार युद्ध रणनीति को अपनाकर निरंतर विजयी अध्याय रचे.
डॉ. राजेन्द्र जोशी ने राव जैतसी के काल के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला.
समारोह के द्वितीय चरण में नवमनोनित समिति पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हुआ. सर्वप्रथम उपाध्यक्ष देवीशंकर आचार्य, कार्यसमिति सदस्य उम्मेद सिंह बीठू, राजीव गौतम, गणेश नागर, जन प्रतिनिधि राम नारायण चैरिटेबल ट्रस्ट को अपर्णा ओढ़ाया गया. तत्पश्चात महिला मंत्री श्रुति बीका को हनी श्रीमाली ने तथा युवाशक्ति सह संयोजक यशवर्धन सिंह बीका को अपर्णा ओढ़ाया गया. अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बीका ने महिला समिति में डॉ. सरोज राठौड़ को अध्यक्ष एवं संगीता सुथार को कोषाध्यक्ष घोषित किया. साथ ही नरेन्द्र सिंह भाटी हद्यां, जगमाल भद्रेचा, हरिसिंह बीका छाजूसर, गोविन्द चूरा, व सीताराम चूरा किलचु को कार्यसमिति सदस्य घोषित किया. कार्यकारी अध्यक्ष भंवर सिंह भेलू ने आभार ज्ञापित किया.
समारोह में भीमसिंह राजपुरोहित, भंवर सिंह, मोहन सिंह बीका, नरेन्द्र सिंह अरड़की, भगवान सारण, छत्रसेन सुथार, महावीर सिंह पंवार, प्रदीप सिंह चौहान, तेजमाल सिंह मंडलावत, कमल नयन शुक्ला, नमामि शंकर आचार्य, मदन मोदी, गोविन्द नारायण श्रीमाली सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए. अंत में शांति मंत्र के साथ समारोह सम्पन्न हुआ.

