बीते 24 जून (बुधवार) की शाम को उत्तरी वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप आया. देश के पिछले 100 से अधिक वर्षों के इतिहास की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक है. बुधवार को महज 40 सेकंड के अंतराल पर दो भीषण झटके आए. पहला झटका 7.2 तीव्रता का था और दूसरा 7.5 तीव्रता का था। इसका केंद्र याराकुए (Yaracuy) राज्य में जमीन से बेहद कम गहराई पर था, जिसने सतह पर भारी तबाही मचाई. आपदा के बाद राहत कार्य चल ही रहा था कि 26 जून (शुक्रवार) की शाम को फिर से 4.9 तीव्रता का नया झटका महसूस किया गया. इसने काराकास और मरेके शहरों में घबराए हुए लोगों को सड़कों पर भागने के लिए मजबूर कर दिया और बचाव कार्यों में बाधा डाली.
जान-माल का नुकसान और तबाही:
- हताहतों की संख्या: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 920 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 3,360 से अधिक लोग घायल हैं और लगभग 50,000 लोग लापता हैं। मलबे के नीचे हजारों लोगों के दबे होने के कारण मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की आशंका है।
- बुनियादी ढांचे को क्षति: काराकास और तटीय राज्य ‘ला गुआरा’ (La Guaira) में 100 से अधिक बहुमंजिला इमारतें और होटल पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। राजधानी का मुख्य सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रनवे और टर्मिनल की गंभीर क्षति के कारण बंद है।
बचाव कार्य और जनता का गुस्सा:
- आपातकाल और लॉकडाउन: कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। राहत सामग्री और क्रेन जैसी भारी मशीनों को रास्ता देने के लिए गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने सबसे ज्यादा प्रभावित ला गुआरा क्षेत्र में नागरिक वाहनों की आवाजाही पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय सहायता: संयुक्त राष्ट्र (UN) के समन्वय के तहत अमेरिका, मैक्सिको, कोलंबिया और तुर्किये से 860 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवक और 25 खोज टीमें पहुँच चुकी हैं। अमेरिका ने खोजी कुत्तों (K-9 Units) और स्ट्रक्चरल इंजीनियरों के साथ 250 कर्मियों की एक विशेष टीम भेजी है।
- जनता का आक्रोश: मलबे से लोगों को जिंदा निकालने का 72 घंटे का समय (Golden Window) समाप्त होने वाला है। क्रेन, कटर और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी के कारण स्थानीय लोग खुद अपने हाथों से मलबा हटाने को मजबूर हैं, जिससे जनता में सरकार की धीमी प्रतिक्रिया को लेकर भारी गुस्सा है।

