बीकानेर शहर में श्रीलक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में श्रीरामलीला कला मंदिर संस्थान की ओर से आयोजित 11 दिवसीय रामलीला अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. 21 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण वध, विभीषण के राज्याभिषेक और भव्य सजीव झांकियों का मंचन किया जाएगा. समापन समारोह में महिला गरबा नृत्य का दूसरा चरण भी आयोजित होगा. इसके साथ ही भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के मंचन के बाद रामलीला का समापन होगा और सभी कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा.
संस्थान के अध्यक्ष गिरिराज जोशी ने बताया कि 11 से 21 अक्टूबर तक चल रहे इस आयोजन में प्रतिदिन रात 8 बजे से प्रभु श्रीराम की लीलाओं का मंचन किया जा रहा है. संस्थान पिछले 23 वर्षों से बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का कार्य कर रहा है. इस वर्ष बीकानेर रोटरी क्लब रॉयल्स के सहयोग से आयोजन किया जा रहा है.
अंगद-रावण संवाद ने बांधा समां
रामलीला के निर्देशक मखन जोशी के अनुसार, बीती रात रामलीला मैदान में श्रीराम की सेना का लंका प्रस्थान, सेतु निर्माण और अंगद-रावण संवाद के रोमांचक प्रसंगों का मंचन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर निशांत जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कछावा सहित गोसेवी देवकिशन चांडक, नगर निगम उप महापौर पंकज गहलोत और भाजयुमो के भूपेंद्र शर्मा मौजूद रहे.
संस्थान के सचिव अभिराम दत्त गौड़ ने बताया कि रामलीला में श्रीराम जन्म, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, श्रीराम वनगमन, सीता हरण और लंका दहन जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया गया। वहीं, अंगद-रावण संवाद दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा.
निःशुल्क सेवा देते हैं बीकानेर के कलाकार
इस रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अभिनय करने वाले सभी कलाकार बीकानेर के स्थानीय नागरिक और छात्र हैं. कलाकार और आयोजन समिति के सदस्य बिना किसी पारिश्रमिक के अपनी सेवाएं देते हैं. सनातन धर्म की मर्यादा और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए मंचन किया जाता है.
संस्थान के अध्यक्ष गिरिराज जोशी पिछले 23 वर्षों से आयोजन की व्यवस्थाओं के साथ मंच, प्रकाश और ध्वनि संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. निर्देशक मखन जोशी, सचिव अभिराम दत्त गौड़ और कोषाध्यक्ष कैलाश भादानी सहित पूरी टीम आयोजन को सफल बनाने में जुटी है. पात्रों के चयन और तैयारी के लिए करीब दो महीने तक मेहनत की जाती है.
युवा कलाकार निभा रहे प्रमुख किरदार
रामलीला में गिरिराज जोशी ललन पिछले तीन से चार वर्षों से भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं. लक्ष्मण की भूमिका साहिल रंगा, सीता की भूमिका प्रशांत आचार्य और हनुमान की भूमिका गोपाल पुरोहित निभा रहे हैं. संस्थान अध्यक्ष गिरिराज जोशी अंगद और अहिरावण के किरदार में नजर आते हैं, जबकि मखन जोशी परशुराम और कैलाश भादानी रावण की भूमिका निभाते हैं. अभिराम गौड़ भी विभिन्न किरदारों के माध्यम से मंचन में योगदान दे रहे हैं.
गिरिराज जोशी ललन का उद्देश्य नई पीढ़ी को मोबाइल रील्स की दुनिया से आगे बढ़ाकर अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है. रामलीला में संस्थान के सदस्य पवन सोलंकी, नीलेश चतुर्वेदी, यशवर्धन व्यास, नवीन बोड़ा, ललित, शिवराज जोशी, हर्षवर्धन मारू, करणवीर मारू, घनश्याम उपाध्याय, शिवम उपाध्याय, राधे, जेठाराम, राजेश चौधरी, भरत मारू, यशपाल सैन, विकास भादानी और वरिष्ठ कार्यकर्ता रामदेव उपाध्याय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे हैं. दशहरे के अवसर पर होने वाला रावण वध और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का मंचन इस 23 साल पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख आकर्षण रहेगा.
