चार लाइन न्यूज़ डेस्क (तीर्थराज बरसलपुर) – नई दिल्ली। एयर इंडिया ने विमानन सुरक्षा और यात्रियों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में अपने सभी ग्रुप पायलटों की अतिरिक्त जांच कराने का फैसला किया है. कंपनी के अनुसार 13 अगस्त 2026 से पायलटों के लिए यह जांच अनिवार्य रूप से शुरू कर दी गई है. जांच के दौरान पायलटों में प्रतिबंधित पदार्थ अथवा दवाओं की मौजूदगी को लेकर पड़ताल की जाएगी.
एयर इंडिया का कहना है कि कंपनी पहले से ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सभी लागू नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रही है. इसके बावजूद सुरक्षा और पेशेवर कार्यप्रणाली के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की गई है. पायलटों की जांच गुरुग्राम स्थित एयर इंडिया अकादमी और फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर के साथ कंपनी के विभिन्न कार्यालयों और संबंधित बेस पर की जाएगी. ट्रेनिंग के दौरान भी पायलटों को जांच के दायरे में रखा जाएगा. इसके अलावा उड़ान पूरी होने के बाद पोस्ट-फ्लाइट जांच भी की जा सकेगी.
कंपनी ने पायलटों से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने को कहा है. जांच संबंधी किसी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए संबंधित चीफ पायलट अथवा बेस मैनेजर से संपर्क किया जा सकेगा. एयर इंडिया के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालन में सुरक्षा एवं प्रोफेशनलिज्म के उच्च मानकों को बनाए रखना है.
