बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल से जुड़ी प्रसूताओं के उपचार मामले में राहतभरी और सकारात्मक खबर सामने आई है. गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आईसीयू में भर्ती छह प्रसूताओं में से दो को स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इनमें प्रसूता राहिला को मंगलवार को सफल उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया. वहीं एक अन्य प्रसूता को भी स्वस्थ होने पर अस्पताल से घर भेजा जा चुका है.
राहिला की स्थिति भर्ती के समय काफी गंभीर थी. उसका हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर था तथा यूरिन आउटपुट लगभग शून्य था. स्थिति को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में गहन उपचार दिया गया. उपचार का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि उसका यूरिन आउटपुट बढ़कर लगभग 3500 मिलीलीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया तथा हीमोग्लोबिन बढ़कर 8.2 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया. भर्ती के समय उसे सांस लेने में परेशानी थी और फेफड़ों में पानी भरने की समस्या भी थी, जो अब पूरी तरह नियंत्रित हो चुकी है. चिकित्सकों ने उसके स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अन्य दो प्रसूताओं की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है और यदि यही प्रगति बनी रही तो आगामी दो-तीन दिनों में उन्हें भी डिस्चार्ज किया जा सकता है. वहीं आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचाराधीन दो मरीजों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 24 घंटे निगरानी रखे हुए है और उन्हें सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.
विशेषज्ञ डॉक्टर्स कि मेहनत ला रही रंग
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार सहित विशेष चिकित्सकीय टीम लगातार मरीजों की मॉनिटरिंग कर रही है. इस टीम में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य एवं डॉ. नीति शर्मा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. सुमन बुडानिया, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फलोदिया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. खेताराम शर्मा तथा निश्चेतन विभाग से डॉ. विशाल एवं श्वसन रोग विभाग के डॉ. रवि चांडक के साथ मेडिसिन आईसीयू स्टाफ, पोस्ट कोविड आईसीयू स्टाफ, डायलिसिस यूनिट स्टाफ एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की संयुक्त टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है. अस्पताल में उपचाराधीन प्रसूताओं के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार से परिजनों ने राहत की सांस ली है और चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना की है.

