सूरतगढ़। शहर में हल्की-सी बरसात होते ही विद्युत व्यवस्था चरमराने लगी है। हालात ऐसे हैं कि चंद बूंदें गिरते ही बिजली आपूर्ति लड़खड़ा जाती है और आमजन को घंटों अंधेरे व परेशानी में रहने को मजबूर होना पड़ता है। सूरतगढ़ के शिवबाड़ी क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही और बदहाल कार्यप्रणाली का ऐसा ही मामला सामने आया, जहां सड़क पर बिजली के तार टूटकर गिरने के बाद करीब पांच घंटे तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
सुबह से बिजली गुल होने के कारण वार्डवासी परेशान होते रहे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली ने लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब शहर में बिजली व्यवस्था बिगड़ती है, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर कहां गायब हो जाते हैं?
10 बजे पहुंची टीम, निरीक्षण किया और फिर वही इंतजार!
क्षेत्रवासियों के अनुसार, सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद FRT टीम करीब 10 बजे मौके पर पहुंची। टीम ने निरीक्षण कर तार लाने और समस्या दूर करने की बात कही, लेकिन इसके बाद मौके से चली गई। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि टीम को तार लाने थे, तो मौके पर पहुंचने के बाद मरम्मत कार्य तत्काल क्यों नहीं शुरू किया गया? क्या उपभोक्ताओं को केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली गई?
अधिकारी फोन तक उठाने को तैयार नहीं, तो शिकायत सुनेगा कौन?
विद्युत आपूर्ति ठप होने के बीच जब उपभोक्ताओं ने विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, तो निराशा ही हाथ लगी। आरोप है कि चार बार फोन करने के बावजूद एक जिम्मेदार अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। बताया जा रहा है कि एक अधिकारी छुट्टी पर हैं, जबकि दूसरे अधिकारी का फोन डायवर्ट होने की बात सामने आई। वहीं, संबंधित अधिकारी का मोबाइल स्विच ऑफ होने की शिकायत भी सामने आई।
ऐसे में आम उपभोक्ता आखिर अपनी समस्या लेकर जाए तो कहां जाए? जब अधिकारी ही फोन उठाने से गुरेज करें और मौके पर पहुंची टीम भी समस्या के समाधान के बजाय केवल आश्वासन देकर लौट जाए, तो विद्युत व्यवस्था सुधरने की उम्मीद कैसे की जाए?
हल्की बरसात में बिजली व्यवस्था बेहाल, जवाबदेही तय कौन करेगा?
सूरतगढ़ में बार-बार लगने वाले बिजली कट और मामूली बरसात में आपूर्ति बाधित होने की स्थिति ने विद्युत विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवबाड़ी क्षेत्र के वार्डवासी सुबह से परेशान रहे और विभागीय व्यवस्था के प्रति लोगों में रोष बढ़ता गया।
अब सवाल सीधे विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से है—क्या शहर की बिजली व्यवस्था इतनी कमजोर है कि थोड़ी-सी बरसात भी उसे ठप कर देती है? सड़क पर टूटकर गिरे तारों की मरम्मत में इतनी देरी क्यों हुई? शिकायतों के बावजूद अधिकारी फोन क्यों नहीं उठा रहे? और सबसे बड़ा सवाल, उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा?
जनता बिजली बिल समय पर भरे और बदले में घंटों बिजली कटौती झेले—क्या यही विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली है? शिवबाड़ी क्षेत्र के लोगों ने विभागीय व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए समस्या का शीघ्र समाधान करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
