बीकानेर। नगर निगम चुनाव को लेकर बीकानेर में भाजपा ने एनवक्त पर बड़ा सियासी फेरबदल किया है। वार्ड 75 से भाजपा प्रत्याशी बनाए गए पूर्व यूआईटी चेयरमैन महावीर रांका की जगह अब विशाल गोलचा को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है। प्रत्याशी बदलने के फैसले के बाद स्थानीय सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
खास बात यह है कि सोमवार सुबह ही महावीर रांका ने वार्ड 75 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत भी की और इसके बाद रांगड़ी चौक से चुनाव प्रचार का आगाज करते हुए स्थानीय लोगों और दुकानदारों से जनसंपर्क शुरू कर दिया था। ऐसे में कुछ ही घंटों बाद प्रत्याशी बदलने की खबर ने राजनीतिक हलकों को चौंका दिया।
जयपुर से आया फोन और बदल गए समीकरण?
सूत्रों के अनुसार, प्रत्याशी बदलने के पीछे जयपुर स्तर से आया एक फोन कॉल अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व की सिफारिश के बाद भाजपा ने वार्ड 75 में अपना प्रत्याशी बदलने का फैसला लिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर प्रत्याशी बदलने की वजह को लेकर पार्टी की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
महावीर रांका को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में उनके नाम में बदलाव को लेकर भाजपा के भीतर और स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुबह नामांकन, फिर प्रचार और अब टिकट में बदलाव
वार्ड 75 का घटनाक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि महावीर रांका ने सुबह बाकायदा नामांकन दाखिल किया, मीडिया से बातचीत की और कुछ ही समय बाद प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया था। उन्होंने रांगड़ी चौक से अपने अभियान की शुरुआत करते हुए दुकानदारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी।
रांका ने उस दौरान कहा था कि जनता का विश्वास उनकी ताकत है और जनसेवा उनका संकल्प है। लेकिन शाम होते-होते वार्ड 75 के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आए।
अब विशाल गोलचा के नाम की चर्चा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा ने इतनी देर से प्रत्याशी बदलने का फैसला क्यों लिया और इसके पीछे आखिर कौन से राजनीतिक समीकरण काम कर रहे हैं?
फिलहाल भाजपा के इस फैसले ने वार्ड 75 के साथ-साथ पूरे बीकानेर के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि महावीर रांका इस पूरे घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और विशाल गोलचा के नाम पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय मतदाताओं की क्या प्रतिक्रिया रहती है।

